यतो धर्म ततो जय: यतो धर्मः ततो जयः एक संस्कृत श्लोक है। यह भारत के सर्वोच्च न्यायालयका ध्येय वाक्य है। यह महाभारत में कुल ग्यारह बार आता है और इसका मतलब है "जहाँ धर्म है वहाँ जय (जीत)" है। इस ध्येयवाक्य का अर्थ महाभारत के उस श्लोक ( संस्कृत : यतः कृष्णस्ततो धर्मो यतो धर्मस्ततो जयः ) से आता है जब कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन युधिष्ठिर के अकर्मण्यता को दूर कर रहें हैं। वो कहते हैं, "विजय सदा धर्म के पक्ष में रहती है, एवं जहाँ श्रीकृष्ण हैं वहाँ विजय है". ।। राम राम ।।