Skip to main content

डीआरडीओ ने सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल भारतीय सेना संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण

डीआरडीओ ने सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल भारतीय सेना संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण 


रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 27

 मार्च, 2022 को ओडिशा के तट पर चांदीपुर स्थित


  इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (एमआरएसएएम) के भारतीय सेना संस्करण के दो सफल उड़ान परीक्षण किए।


 उड़ान परीक्षण हाई-स्पीड हवाई लक्ष्यों के विरूद्ध लाइव फायरिंग ट्रायल के हिस्से के रूप में किए गए। 


मिसाइलों ने हवाई लक्ष्यों को इंटरसेप्ट किया और दोनों रेंजों पर सीधे हिट दर्ज करते हुए उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया।


 पहला लाँच एक मध्यम ऊंचाई लंबी दूरी के लक्ष्य को इंटरसेप्ट करना था और दूसरा लाँच कम ऊंचाई वाली छोटी दूरी के लक्ष्य की क्षमता सिद्ध करने के लिए था।

 

यह एमआरएसएएम संस्करण भारतीय सेना द्वारा उपयोग के लिए डीआरडीओ और इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (आईएआई), इज़राइल द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।


 एमआरएसएएम आर्मी वेपन सिस्टम में मल्टी-फंक्शन रडार, मोबाइल लॉन्चर सिस्टम और अन्य वाहन शामिल हैं। 


उड़ान परीक्षण डिलीवरेबल आकृति में हथियार प्रणाली के साथ किए गए थे। 


हथियार प्रणाली का निष्पादन आईटीआर, चांदीपुर द्वारा तैनात रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम और टेलीमेट्री जैसे रेंज उपकरणों द्वारा कैप्चर किए गए उड़ान डेटा के माध्यम से सत्यापित किया गया था।


 उड़ान परीक्षण डीआरडीओ और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।

 

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने एमआरएसएएम-सेना के सफल उड़ान परीक्षणों के लिए डीआरडीओभारतीय सेना और उद्योग को बधाई दी है। 


उन्होंने कहा, दोनों सफल परीक्षण महत्वपूर्ण दूरी पर लक्ष्य को भेदने में हथियार प्रणाली की क्षमता को स्थापित करते हैं।

 

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने एमआरएसएएम के सेना संस्करण के सफल उड़ान परीक्षण में शामिल टीमों की सराहना की और कहा कि ये परीक्षण 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए प्रमुख उपलब्धियां हैं।

 



।। राम राम ।।


Comments

Popular posts from this blog

ब्रेग्जिट की प्रक्रिया शुरू :ब्रिटिश राजदूत ने पीएम थेरेजा का पत्र ईयू अध्यक्ष को सौंपा

• यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की प्रक्रि या औपचारिक रूप से शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री थेरेजा मे ने कहा कि इस मुद्दे पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।हाउस ऑफ कॉमंस में दिए अपने बयान में थेरेजा ने कहा, ब्रिटिश राजदूत सर टिम बैरो ने ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के प्रमुख डोनाल्ड टस्क को ब्रेग्जिट के संदर्भ में उनका पत्र सौंप दिया है।  • उन्होंने कहा, सरकार ब्रिटिश जनता की लोकतांत्रिक इच्छा के आधार पर काम करती है और यह सदन के स्पष्ट और स्वीकार्य रुख के आधार पर भी कदम उठाती है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, अनुच्छेद 50 की प्रक्रि या अब चल रही है और ब्रिटिश जनता की भावनाओं के अनुसार ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो रहा है। यह एक ऐतिहासिक मौका करार दिया जिससे पीछे नहीं हटा जा सकता।  • उन्होंने कहा, अब समय वह है कि हम साथ आएं और एकजुट हो जाएं। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर जाने को लेकर दो वर्षीय वार्ता प्रक्रि या शुरू करने की देश की मंशा के बारे में ईयू को अधिसूचित करने के लिए बीती रात 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर एक पत्र पर हस्ताक्षर किया गया।  • इस पत्र में यूरोपी...

देश का पहला कार्बन न्यूट्रल जिला होगा माजुली द्वीप

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पर्यावरण के प्रति आम लोगों से जागरुक होने की अपील की है। मुख्यमंत्री सोनोवाल के मुताबिक हर किसी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर 22 मार्च 2017 को आयोजित ‘माजुली में जलवायु अनुरूप विकास के लिए सतत कार्रवाई’ अभियान के शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री ने उक्त बात कही। इस अभियान के तहत देश की एकमात्र द्वीप जिला माजुली को देश का पहला कार्बन न्यूट्रल जिला बनाए जाने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय वानिकी दिवस के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि राज्य में स्थित देश का एकमात्र द्वीप जिला माजुली इन दिनों अपने अस्तित्व संकट का सामना कर रहा है। इसको देखते हुए ही राज्य सरकार ही उक्त अभियान की शुरुआत की है, ताकि माजुली को देश का पहला कार्बन न्यूट्रल जिला सहित एक जैवविविधता विरासत के रूप में विकसित किया जा सके। सभी लोगों को चाहिए कि इस जैवविविधता विरासत स्थल को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आवश्यक संकल्प ले। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए राज्य सरकार अप्रैल माह के अंत में...

स्पेसएक्स’ पहला री साइकिल्ड रॉकेट प्रक्षेपित करने को तैयार

• ‘‘स्पेसएक्स’ बृहस्पतिवार को अपना पहला री साइकिल्ड रॉकेट प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है। इसमें एक बूस्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में रह रहे अंतरिक्षयात्रियों के लिए भोजन और अन्य सामान पहुंचाया था। • यह प्रक्षेपण शाम 06.27 मिनट पर फ्लोरिडा के केप केनावेरल से किया जाना है। इसका लक्ष्य लग्जमबर्ग की कंपनी ‘‘एसईएस’ का एक संचार उपग्रह सुदूर कक्षा में पहुंचाना है। नासा लॉन्चपैड में खड़े सफेद ‘‘फाल्कन-9’ रॉकेट में एक लंबे स्तंभ के आकार का हिस्सा है, जिसे फस्र्ट स्टेज या बूस्टर कहा जाता है।  • यह पिछले साल मानवरहित ड्रैगन मालवाहक यान को अंतरिक्ष में ले गया था और फिर समुद्र में एक स्थान पर लौट आया था।  • अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने कहा कि इसके पीछे का उद्देश्य रॉकेट के हिस्सों को ऐसे दोबारा इस्तेमाल लायक बनाना है, जैसे की कारों, विमानों या साइकिलों के हिस्सों को किया जाता है।  • इस समय प्रत्येक प्रक्षेपण के बाद रॉकेटों के लाखों डॉलर मूल्य के हिस्से फेंक दिए जाते हैं। *******

ads1