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ब्रेग्जिट की प्रक्रिया शुरू :ब्रिटिश राजदूत ने पीएम थेरेजा का पत्र ईयू अध्यक्ष को सौंपा



• यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की प्रक्रि या औपचारिक रूप से शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री थेरेजा मे ने कहा कि इस मुद्दे पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।हाउस ऑफ कॉमंस में दिए अपने बयान में थेरेजा ने कहा, ब्रिटिश राजदूत सर टिम बैरो ने ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के प्रमुख डोनाल्ड टस्क को ब्रेग्जिट के संदर्भ में उनका पत्र सौंप दिया है। 

• उन्होंने कहा, सरकार ब्रिटिश जनता की लोकतांत्रिक इच्छा के आधार पर काम करती है और यह सदन के स्पष्ट और स्वीकार्य रुख के आधार पर भी कदम उठाती है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, अनुच्छेद 50 की प्रक्रि या अब चल रही है और ब्रिटिश जनता की भावनाओं के अनुसार ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो रहा है। यह एक ऐतिहासिक मौका करार दिया जिससे पीछे नहीं हटा जा सकता। 
• उन्होंने कहा, अब समय वह है कि हम साथ आएं और एकजुट हो जाएं। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर जाने को लेकर दो वर्षीय वार्ता प्रक्रि या शुरू करने की देश की मंशा के बारे में ईयू को अधिसूचित करने के लिए बीती रात 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर एक पत्र पर हस्ताक्षर किया गया। 

• इस पत्र में यूरोपीय संघ (ईयू) के अन्य 27 सदस्यों को आधिकारिक अधिसूचना दी गई है कि ब्रिटेन ने लिस्बन संधि के अनुच्छेद 50 को लागू कर दिया है।

• ईयू में ब्रिटेन के राजदूत सर टिम बोरो यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क को बुधवार को यह पत्र सौंपा और इसके साथ ही एक गैर सदस्य के तौर पर ब्रिटेन के ईयू के साथ संबंधों पर दो वर्ष की वार्ता प्रक्रि या आरंभ हो गई। ब्रिटेन और ईयू के 27 अन्य सदस्य देश आगामी दो वर्ष में समझौते की शत्रे तय करेंगे। 

• इससे पहले ब्रेग्जिट के समर्थन में जून 2016 में जनमत संग्रह हुआ था। यदि निर्धारित समय सीमा को बढ़ाया नहीं जाता तो ब्रिटेन 29 मार्च 2019 तक इस आर्थिक समूह को छोड़ देगा। 

• प्रधानमंत्री थेरेजा मे ने मंगलवार रात टस्क, ईयू आयोग के अध्यक्ष ज्यां क्लाद जंकर और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से फोन पर बात की थी।


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