Skip to main content

जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन से आतंकवाद में कमी आएगी उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जी ने कहा

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जी ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन से समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा और सीमा पार से चलाए जा रहे आतंकवादी घटनाओं में कमी आएगी।

उपराष्ट्रपति जी का कहना है कि जम्मू कश्मीर के 2 केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठन से समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा और सीमा पार से चलाए जा रहे आतंकवाद का नकारात्मक असर कम होगा ।

लियोन की राजधानी में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति जी ने चिंता व्यक्त की कि भारत का पड़ोसी देश आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन और आर्थिक मदद देकर इस क्षेत्र के लिए मुश्किलें खड़ा करता जा रहा है ।

आतंकवाद को मानवता का सत्तू बताते हुए उन्होंने कहा है कि आतंकी घटनाओं में हजारों लोग मारे गए हैं।

उपराष्ट्रपति जी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को अलग-थलग करने के लिए एकजुट होने की अपील की है उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने पर रोक लगे।

जम्मू कश्मीर को लेकर किए जा रहे दुष्प्रचार की निंदा करते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि भारतीय समुदाय से इससे प्रभावशाली ढंग से निपटने और सही तस्वीर सामने रखने को कहा उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन के हाल के फैसले का उद्देश्य विकास कार्यों का लाभ क्षेत्र पहुंचाना है और राज्य का समावेशी और समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

Comments

Popular posts from this blog

ब्रेग्जिट की प्रक्रिया शुरू :ब्रिटिश राजदूत ने पीएम थेरेजा का पत्र ईयू अध्यक्ष को सौंपा

• यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की प्रक्रि या औपचारिक रूप से शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री थेरेजा मे ने कहा कि इस मुद्दे पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।हाउस ऑफ कॉमंस में दिए अपने बयान में थेरेजा ने कहा, ब्रिटिश राजदूत सर टिम बैरो ने ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के प्रमुख डोनाल्ड टस्क को ब्रेग्जिट के संदर्भ में उनका पत्र सौंप दिया है।  • उन्होंने कहा, सरकार ब्रिटिश जनता की लोकतांत्रिक इच्छा के आधार पर काम करती है और यह सदन के स्पष्ट और स्वीकार्य रुख के आधार पर भी कदम उठाती है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, अनुच्छेद 50 की प्रक्रि या अब चल रही है और ब्रिटिश जनता की भावनाओं के अनुसार ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो रहा है। यह एक ऐतिहासिक मौका करार दिया जिससे पीछे नहीं हटा जा सकता।  • उन्होंने कहा, अब समय वह है कि हम साथ आएं और एकजुट हो जाएं। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर जाने को लेकर दो वर्षीय वार्ता प्रक्रि या शुरू करने की देश की मंशा के बारे में ईयू को अधिसूचित करने के लिए बीती रात 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर एक पत्र पर हस्ताक्षर किया गया।  • इस पत्र में यूरोपी...

ब्रेक्जिट पर आया ब्रिटेन का श्वेतपत्

• यूरोपीय संघ से बाहर होने (ब्रेक्जिट) की औपचारिक शुरुआत के बाद ब्रिटेन ने गुरुवार को ‘द ग्रेट रिपील बिल’ पर श्वेतपत्र जारी कर दिया। ब्रेक्जिट मामलों के मंत्री डेविड डेविस ने सांसदों को बताया कि यूरोपीय संघ (ईयू) के हजारों कानूनी प्रावधानों को या तो समाप्त किया जाएगा या उन्हें बदला जाएगा। कामगारों की सुरक्षा से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक के प्रावधानों को या तो खत्म कर दिया जाएगा या फिर उन्हें ब्रिटिश कानून में शामिल कर लिया जाएगा।  • प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने बुधवार को ईयू के अनुछेद 50 को अमल में लाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में संबंध-विछेद की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। दोनों पक्षों द्वारा तिथि में संशोधन नहीं करने की स्थिति में ब्रिटेन 29 मार्च, 2019 को ईयू से औपचारिक तौर पर अलग हो जाएगा।  • डेविस ने प्रस्तावित विधेयक पर श्वेतपत्र जारी कर अलग होने की योजना के तौर-तरीकों और प्रावधानों को सार्वजनिक किया। हाउस ऑफ कामंस में डेविस ने बताया कि विधेयक के पारित होने पर ब्रिटेन को ईयू के कानून को आत्मसात करने और देश के मौजूदा वैधानिक दस्तावेज में उ...

भारत_बांग्लादेश_अहम_समझौते_2017

दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा क्षेत्र सहित 22 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।  - कोलकाता और खुलना के बीच बस व ट्रेन संबंध बहाल - पांच अरब डॉलर की वित्तीय मदद देने का फैसला - तीस्ता जल बंटवारे संधि पर जल्द अंतिम फैसले का आश्वासन अहम समझौते - पांच साल का रक्षा सहयोग फ्रेमवर्क बना - रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए 50 करोड़ डॉलर का कर्ज - बांग्लादेश में परियोजनाओं के लिए 4.5 अरब डॉलर की मदद - बांग्लादेश के सैनिकों को मिलेगा भारत में बेहतर प्रशिक्षण - बांग्लादेश में परमाणु ऊर्जा प्लांट लगाने में मदद करेगा भारत - सड़क, रेल व जल मार्ग से और तेजी से जुड़ेंगे दोनों देश वैसे बांग्लादेश सरकार की बहुत चाहत के बावजूद तीस्ता जल बंटवारे पर समझौता नहीं हो सका।  - भारत से बांग्लादेश को एकमुश्त पांच अरब डॉलर की वित्तीय मदद मिली है। इनमें से 4.5 अरब डॉलर भारत बांग्लादेश में विभिन्न परियोजनाओं को पूरा करने में देगा। 50 करोड़ डॉलर की मदद भारत से जरूरी रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए दी जाएगी। - इसके साथ ही पिछले तीन वर्षों में नई दिल्ली की तरफ से ढाक...

ads1