Skip to main content

न्यायमूर्ति श्री शरद अरविंद बोबडे भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश

न्यायमूर्ति श्री शरद अरविंद बोबडे भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश


 राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री शरद अरविंद बोबडे को भारत का अगला प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया है। न्यायमूर्ति श्री बोबडे 18 नवंबर, 2019 को शपथ लेंगे।

      न्यायमूर्ति श्री शरद अरविंद बोबडे 12 अप्रैल, 2013 से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश हैं। इससे पहले वह 16 अक्टूबर, 2012 से लगभग छह महीने के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रहे। वह 29 मार्च, 2000 से बॉम्बे उच्च न्यायालय के अतिरिक्त जज और 28 मार्च, 2002 से स्थायी जज रहे हैं।

      न्यायमूर्ति श्री बोबडे का जन्म 24 अप्रैल, 1956 को हुआ और वह 13 सितंबर, 1978 को अधिवक्ता बने। उन्होंने उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ और नागपुर जिला न्यायालय में वकालत की और उन्होंने समय-समय पर बॉम्बे हाई कोर्ट और उच्चतम न्यायालय में सिविल, संवैधानिक, श्रम, निर्वाचन तथा कराधान मामलों में अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवा दी।

      न्यायमूर्ति श्री शरद अरविंद बोबडे संवैधानिक, प्रशासनिक, कंपनी, पर्यावरण तथा निर्वाचन कानूनों के विशेषज्ञ हैं।

*******

Comments

Popular posts from this blog

ब्रेग्जिट की प्रक्रिया शुरू :ब्रिटिश राजदूत ने पीएम थेरेजा का पत्र ईयू अध्यक्ष को सौंपा

• यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की प्रक्रि या औपचारिक रूप से शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री थेरेजा मे ने कहा कि इस मुद्दे पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।हाउस ऑफ कॉमंस में दिए अपने बयान में थेरेजा ने कहा, ब्रिटिश राजदूत सर टिम बैरो ने ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के प्रमुख डोनाल्ड टस्क को ब्रेग्जिट के संदर्भ में उनका पत्र सौंप दिया है।  • उन्होंने कहा, सरकार ब्रिटिश जनता की लोकतांत्रिक इच्छा के आधार पर काम करती है और यह सदन के स्पष्ट और स्वीकार्य रुख के आधार पर भी कदम उठाती है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, अनुच्छेद 50 की प्रक्रि या अब चल रही है और ब्रिटिश जनता की भावनाओं के अनुसार ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो रहा है। यह एक ऐतिहासिक मौका करार दिया जिससे पीछे नहीं हटा जा सकता।  • उन्होंने कहा, अब समय वह है कि हम साथ आएं और एकजुट हो जाएं। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर जाने को लेकर दो वर्षीय वार्ता प्रक्रि या शुरू करने की देश की मंशा के बारे में ईयू को अधिसूचित करने के लिए बीती रात 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर एक पत्र पर हस्ताक्षर किया गया।  • इस पत्र में यूरोपी...

ब्रेक्जिट पर आया ब्रिटेन का श्वेतपत्

• यूरोपीय संघ से बाहर होने (ब्रेक्जिट) की औपचारिक शुरुआत के बाद ब्रिटेन ने गुरुवार को ‘द ग्रेट रिपील बिल’ पर श्वेतपत्र जारी कर दिया। ब्रेक्जिट मामलों के मंत्री डेविड डेविस ने सांसदों को बताया कि यूरोपीय संघ (ईयू) के हजारों कानूनी प्रावधानों को या तो समाप्त किया जाएगा या उन्हें बदला जाएगा। कामगारों की सुरक्षा से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक के प्रावधानों को या तो खत्म कर दिया जाएगा या फिर उन्हें ब्रिटिश कानून में शामिल कर लिया जाएगा।  • प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने बुधवार को ईयू के अनुछेद 50 को अमल में लाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में संबंध-विछेद की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। दोनों पक्षों द्वारा तिथि में संशोधन नहीं करने की स्थिति में ब्रिटेन 29 मार्च, 2019 को ईयू से औपचारिक तौर पर अलग हो जाएगा।  • डेविस ने प्रस्तावित विधेयक पर श्वेतपत्र जारी कर अलग होने की योजना के तौर-तरीकों और प्रावधानों को सार्वजनिक किया। हाउस ऑफ कामंस में डेविस ने बताया कि विधेयक के पारित होने पर ब्रिटेन को ईयू के कानून को आत्मसात करने और देश के मौजूदा वैधानिक दस्तावेज में उ...

देश का पहला कार्बन न्यूट्रल जिला होगा माजुली द्वीप

मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने पर्यावरण के प्रति आम लोगों से जागरुक होने की अपील की है। मुख्यमंत्री सोनोवाल के मुताबिक हर किसी को प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर 22 मार्च 2017 को आयोजित ‘माजुली में जलवायु अनुरूप विकास के लिए सतत कार्रवाई’ अभियान के शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री ने उक्त बात कही। इस अभियान के तहत देश की एकमात्र द्वीप जिला माजुली को देश का पहला कार्बन न्यूट्रल जिला बनाए जाने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय वानिकी दिवस के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि राज्य में स्थित देश का एकमात्र द्वीप जिला माजुली इन दिनों अपने अस्तित्व संकट का सामना कर रहा है। इसको देखते हुए ही राज्य सरकार ही उक्त अभियान की शुरुआत की है, ताकि माजुली को देश का पहला कार्बन न्यूट्रल जिला सहित एक जैवविविधता विरासत के रूप में विकसित किया जा सके। सभी लोगों को चाहिए कि इस जैवविविधता विरासत स्थल को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आवश्यक संकल्प ले। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए राज्य सरकार अप्रैल माह के अंत में...

ads1