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बीएस 3 क्या है ?




बीएस के साथ जो नंबर होता है उससे यह पता चलता है कि इंजन कितना प्रदूषण फैलाता है। यानी जितना बड़ा नंबर उतना कम प्रदूषण। भारत में एनसीआर और कुछ दूसरे शहरों में बीएस 4 लागू है। वैसे देश भर में बीएस 3 लागू है।

भारत स्टेज से जुड़े अन्य प्रमुख तथ्य:

देश में चिंताजनक स्तर तक बढ़ चुके वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीएस-5 के बजाय अप्रैल 2020 तक बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को लागू करने का निर्णय लिया है। भारत में अभी कारें बीएस-4 उत्सर्जन मानकों पर चलती हैं। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार ने इसके लिए कुछ समय पहले ही अंतिम तारीख 2021 की तय की थी और अब इसे एक साल पहले ही लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले सरकार द्वारा गठित समिति ने 2024 से बीएस-6 मानकों को लागू किए जाने की सिफारिश की थी।

फिलहाल पूरे उत्तर भारत में बीएस-4 ईंधन की आपूर्ति होती है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में अब भी भारत स्टेज-3 ग्रेड का ही इस्तेमाल हो रहा है। पूरे भारत में भारत स्टेज-4 मानक 2017 से लागू करने का सरकार का प्रस्ताव था। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि स्टेज 5 को अपनाने के बजाय भारत सीधे स्टेज-6 को अपनाएगा। भारत स्टेज-6 यूरो-6 उत्सर्जन मानकों के बराबर है।

बीएस-6 उत्सर्जन मानकों पर ईंधन की आपूर्ति करने के लिए देश के अधिकांश तेलशोधक संयंत्रों को अपग्रेड करने की जरूरत होगी जिस पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये (पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार 28, 760 करोड़ रुपये) का खर्च आने का अनुमान है।

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट के अनुसार बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को अपनाने के बाद डीजल कारों से 68 इसके अलावा, डीजल कारों से पार्टिकुलेटिड मैटर (Particulated Matter) का उत्सर्जन भी 80 प्रतिशत तक कम होगा।

ऐसा करना इसलिए भी बहुत जरूरी था, क्योंकि इस मामले में हम यूरोप से 10 साल पीछे हैं। इससे न केवल भारत में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के द्वारा लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि यह जलवायु पर भी सकारात्मक असर डालेगा।

सरकार द्वारा भारत स्टेज-5 को छोड़ 2020 से सीधे भारत स्टेज-6 मानक लागू करने के निर्णय का एक बड़ा कारण यह भी है कि भारत स्टेज-5 और भारत स्टेज-6 ईंधन में सल्फर की मात्रा बराबर होती है। जहां भारत स्टेज-4 ईंधन में 50 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) सल्फर होता है, वहीं भारत स्टेज-5 व 6 दोनों तरह के ईंधनों में सल्फर की मात्रा 10 पीपीएम ही होती है।


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